माइक्रोपीनस उस लिंग को कहा जाता है जिसकी लंबाई तनी हुई अवस्था में 2.75 इंच/7से.मी. से कम होती है । ऐसा तब होता है, जब मां की कोख में बच्चे के विकास के दौरान पुरुष हार्मोन टेस्टेरोन का स्तर काफी कम होता है । अधिकांश लड़के जिन्हें अपने लिंग के माइक्रोपीनस होने की चिंता होती है और डाक्टर के पास जाते हैं, उनके लिंग वास्तव में ऐसी स्थिति में नहीं होते हैं अक्सर लिंग अपने वास्तविक आकार से छोटा दिखता है क्योंकि यह यौन अंगों के आस-पास की चर्बी से छिपा होता है, दूसरे मामलों में जब कोई लड़का अभी किशोरावस्था में नहीं पहुंचा है, तो उसके शरीर के आकार की तुलना में लिंग छोटा लगता है, यह कोई चिंता वाली बात नहीं है, क्योंकि जब किशोरावस्था शुरू होगी, तब लिंग की लंबाई और चौड़ाई भी बढ़ेगी ।

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